केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने मंगलवार को कहा कि इस साल हज के लिए भारत सरकार ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली है और वह इस बारे में सउदी अरब सरकार के फैसले का इंतज़ार कर रही है।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान एक सदस्य की ओर से दो साल से हज यात्रा ना होने का मुद्दा उठाए जाने के जवाब में नक़वी ने यह बात कही।
नक़वी ने कहा, ‘‘कोरोना महामारी के दौरान पिछले दो साल से भारतीय हज यात्रा पर नहीं जा सके हैं। इस बार हम कोशिश कर रहे हैं। हमारी तैयारियां हैं।’’
उन्होंने कहा कि हज यात्रा सऊदी अरब में होती है और इस बारे में निर्णय लेने का काम वहां की सरकार का है।
उन्होंने कहा, ‘‘सऊदी सरकार को तय करना है कि हज यात्रा कब होगी और कितने लोग हिंदुस्तान से जाएंगे। सऊदी अरब की सरकार जैसे ही यह तय करेगी, हम उसके साथ हैं। हमने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।’’
नक़वी ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद रिकॉर्ड दो लाख से ज्यादा हज यात्री हिंदुस्तान से हज यात्रा करने गए हैं।
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के सदस्य मोहम्मद नदीमुल हक़ ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पिछले दो साल से कोविड-19 की वजह से हज यात्रा नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने यात्रा के लिए फॉर्म भर कर जमा कर दिया है लेकिन मगर अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि हज कमेटी में 11 सदस्यों को नामित किया गया है और इसमें कुछ खामियां रह गई है। उन्होंने कहा कि चार संयुक्त सचिवों को वोट देने का अधिकार नहीं है और नो सदस्य अलग-अलग राज्यों से चुनकर लाते हैं, उनका अभी तक चुनाव नहीं हो सका है।









